चकरनगर क्षेत्र में ऐतिहासिक दंगल, 110 वर्षों की परंपरा रही कायम
चकरनगर तहसील के ग्राम पंचायत सिंडौस में आयोजित एक दिवसीय विशाल दंगल ने एक बार फिर क्षेत्र की पारंपरिक खेल संस्कृति को जीवंत कर दिया। लगभग 110 वर्षों से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा के तहत 15 फरवरी को गांव के बाहर बने विशाल मैदान में दंगल का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों के नामी पहलवानों ने भाग लिया।


दंगल का शुभारंभ गांव के मुख्य अतिथि भानु प्रताप सिंह उर्फ डीएम ने फीता काटकर किया। आयोजन समिति के सदस्य किशन वीर सिंह राजावत और ग्राम प्रधान सज्जन सिंह राजावत ने बताया कि दंगल की तैयारियां लगभग 15 दिन पहले से शुरू कर दी जाती हैं। बीहड़ों के बीच आयोजित यह दंगल क्षेत्र की पहचान बन चुका है।

मल्लयुद्ध के दौरान पहलवानों ने पारंपरिक अखाड़ा शैली में शानदार दांव-पेंच दिखाए। दर्शकों की भारी भीड़ ने तालियों और जयकारों के साथ मुकाबलों का उत्साहवर्धन किया। लगभग एक सैकड़ा जोड़ों की कुश्तियां कराई गईं, जिनमें अभिषेक इटावा ने बिक्की जौंरीपुरा भिंड को, भोला मुरैना ने सोना फिरोजाबाद को, लोकेश फिरोजाबाद ने सोनू आगरा को तथा अन्य कई पहलवानों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर जीत दर्ज की। विजेताओं को उचित पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय जनता ने सिंडौस में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम के 200 मीटर दौड़ ट्रैक को 400 मीटर किए जाने की मांग भी उठाई। लोगों का कहना था कि इससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाएं मिल सकेंगी।


दंगल में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेश चौहान उर्फ बबलू, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश राजावत, मनोज राजावत सहित दंगल कमेटी के कई सदस्य और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से सहसों पुलिस बल तैनात रहा।यह दंगल न केवल खेल प्रतियोगिता रहा, बल्कि ग्रामीण एकता, परंपरा और भारतीय कुश्ती संस्कृति का उत्सव भी साबित।
रिपोर्ट चंचल दुबे इटावा
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