इटावा में नवजात शिशुओं के उपचार हेतु बड़ी उपलब्धि
सुशीला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में NICU में थैरेप्यूटिक हाइपोथर्मिया सुविधा शुरू
इटावा। जनपद में नवजात शिशुओं की उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुशीला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, इटावा के NICU में पहली बार रैपिड/थैरेप्यूटिक हाइपोथर्मिया (Therapeutic Hypothermia) सुविधा सफलतापूर्वक प्रारंभ की गई है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. डी.के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में इटावा जिले में यह जीवनरक्षक सुविधा केवल इसी अस्पताल में उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि थैरेप्यूटिक हाइपोथर्मिया एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार पद्धति है, जिसका उपयोग जन्म के समय गंभीर बर्थ एस्फिक्सिया अर्थात हाइपॉक्सिक इस्केमिक एन्सेफैलोपैथी (HIE) से पीड़ित नवजात शिशुओं के उपचार में किया जाता है। इस प्रक्रिया में शिशु के शरीर का तापमान नियंत्रित रूप से 33–34 डिग्री सेल्सियस तक कम कर लगभग 72 घंटे तक रखा जाता है, जिससे मस्तिष्क को होने वाली क्षति कम होती है तथा मृत्यु एवं दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल विकलांगता की संभावना घट जाती है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस सुविधा के शुरू होने से इटावा एवं आसपास के जनपदों के नवजात शिशुओं को समय पर आधुनिक एवं उन्नत उपचार मिल सकेगा, जिससे कई गंभीर मामलों में जीवन बचाया जा सकेगा।
जननी एवं शिशु की बेहतर देखभाल के लिए अस्पताल में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता सिंह (MBBS, MS – DNB Obs. & Gynae, DGO, FICMCH, CIMP) द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
रिपोर्ट चंचल दुबे इटावा
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